हिन्दी · 역사는 살아있다 ·
इतिहास जीवित है - सिल्ला भाग 11: ह्वांगन्योंगसा, सिल्ला बौद्ध धर्म का केंद्र
AI का 3 पंक्तियों का सारांश
- 553 में शुरू हुआ और 645 में नौ मंज़िला लकड़ी की पगोडा से सुसज्जित ह्वांगन्योंगसा मंदिर सिल्ला का सबसे बड़ा मंदिर था, जो राज्य-रक्षक बौद्ध धर्म और शाही सत्ता का प्रतीक था।
- ग्योंगजू में ह्वांगन्योंगसा स्थल से 40,000 से अधिक वस्तुएँ मिली हैं, और पगोडा की ऊँचाई लगभग 80 मीटर होने का अनुमान है, हालाँकि यह आंकड़ा पुष्ट नहीं है।
- 1238 के मंगोल आक्रमण में पगोडा नष्ट हो गया, लेकिन 2000 में इस स्थल को विश्व धरोहर में शामिल किया गया, और इसके पुनर्निर्माण तथा AR पुनर्रचना के प्रयास जारी हैं।
मूल लेख से AI द्वारा लिखा गया सारांश · 88 भाषाएँ

पूरा लेख पढ़ें (मशीन अनुवाद) → मूल लेख (कोरियाई): [역사는 살아있다 – 신라 편] 제11화: 황룡사 – 신라 불교의 중심
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